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    Mohabbat Aur Dard Bhari Shayari, मोहब्बत और दर्द शायरी

    दूर रहकर भी मेरे क़रीब हो,
    मेरे दिल से पूछो कितने अज़ीज़ हो,
    अपनी हथेली को कभी गौर से देखना,
    खुद जान जाओगे कि तुम मेरा नसीब हो।

    💟💟

    इतनी मोहब्बत ना सिखा ऐ ख़ुदा
    कि तुझसे ज़्यादा उसपे ऐतबार हो जाए,
    दिल तोड़ के जाए वो मेरा
    और तू मेरा गुनाहगार हो जाए।
    mohabbat-aur-dard-bhari-shayari

    🌷 Mohabbat Aur Dard Bhari Shayari 🌷मोहब्बत और दर्द शायरी🌷

    क्या कहूँ तुम्हें
    ख्वाब कहूँ तो बिखर जाओगे,
    दिल कहूँ तो टूट जाओगे,
    लो तुम्हारा नाम ज़िन्दगी रख देता हूँ,
    मौत से पहले मेरा साथ ना छोड़ पाओगे।

    💘💘


    कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि तुमने
    किसे चाहा और कितना चाहा,
    हमें तो ये पता है कि हमने
    सिर्फ तुम्हें चाहा और हद से ज़्यादा चाहा।
    mohabbat-aur-dard-bhari-shayari
    फूलों की तरह हंसती रहो,
    कलियों की तरह मुस्कुराती रहो,
    खुदा से बस एक गुज़ारिश है,
    कि तुम हमेशा मुझे याद आती रहो।

    💝💝

    तुम्हें सोच कर खुद को भूल जाते हैं,
    तन्हाई में अक्सर ग़ज़ल गुनगुनाते हैं,
    इश्क़ हो गया है या कोई और बला है,
    बेवजह यूँ हर घड़ी अब मुस्कुराते हैं।
    mohabbat-aur-dard-bhari-shayari
    यादों में तुम, ख्वाबों में तुम
    खुशी में तुम, उदासी में तुम
    फिक्र में तुम, ज़िक्र में तुम
    बस पास नहीं हो मेरे तुम।

    🌷Mohabbat Aur Dard Shayari🌷


    एक बार करके ऐतबार लिख दो,
    कितना है मुझसे प्यार लिख दो,
    तरस रहे हैं एक मुद्दत से,
    इस बार अपनी मोहब्बत का इज़हार लिख दो,
    ज़्यादा नहीं लिख सकते तो मत लिखो,
    बस प्यार भरे लफ्ज़ दो चार लिख दो,
    एक बार लिखो मोहब्बत है मुझे तुमसे,
    फिर यही लफ्ज़ सौ बार लिख दो।
    mohabbat-aur-dard-bhari-shayari
    इश्क़ करना आसान नहीं होता,
    दूरियां बढ़ने से प्यार कम नहीं होता,
    वक्त बेवक़्त हो जाती हैं आंखें नम,
    क्योंकि यादों का कोई मौसम नहीं होता।

    🌸🌸


    भँवर से निकल कर किनारा मिला है,
    जीने का फिर से एक सहारा मिला है,
    बहुत कशमकश में थी ये ज़िन्दगी मेरी,
    अब ज़िन्दगी में साथ तुम्हारा मिला है।
    mohabbat-aur-dard-bhari-shayari
    यह दिल तेरे लिए बेकरार आज भी है,
    मेरी आँखों को तेरा इंतज़ार आज भी है,
    तू आएगी यह उम्मीद है मुझे,
    मुझे तुम पे ऐतबार आज भी है।

    💖💖

    कुछ उम्र की पहली मंजिल थी
    कुछ रस्ते थे अंजान बहुत,
    कुछ हम भी पागल पागल थे
    कुछ वो भी थे नादान बहुत,
    कुछ उसने भी ना समझाया
    कि प्यार नहीं आसान बहुत,
    आख़िर हमने भी खेल लिया
    जिस खेल में था नुकसान बहुत।
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    हर पल मेरे पास हो तुम,
    जीने की एक आस हो तुम,
    शायद इसलिए मेरे बहुत ख्वास हो तुम।

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