वोट करें | क्या आप चाहते हैं कि अगली बार केंद्र में "आज़ाद समाज पार्टी" की सरकार बने

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साल 2014 में देश की जनता ने बड़ी उम्मीदों के साथ भाजपा और उसके सहयोगी दलों को वोट दिया था। सबको उम्मीद थी कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई में देश काफ़ी आगे जाएगा और सबका विकास होगा।

यही उम्मीद 2019 में भी दोहराई गयी और भाजपा दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आई। लेकिन फिर धीरे धीरे लोगों को ये एहसास होने लगा कि उनसे बहुत बड़ी भूल हो गयी है। क्योंकि मोदी सरकार के आने के बाद देश की जनता लगातार रोड पर ही है। कभी नोटबन्दी को लेकर कभी भारी जीएसटी को लेकर, कभी बलात्कार की घटनाओं पर सरकार की चुप्पी को लेकर कभी मोब्लिंचिंग तो कभी दलितों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार पर सरकार की चुप्पी को लेकर। और अब एनआरसी एनपीआर और संविधान बचाओ अभियान को लेकर।
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आज के इंटरनेट युग के कारण ये सबको पता है कि पिछले छः सालों में देश में बेरोजगारी और मंहगाई कितनी ज़्यादा बढ़ गयी है। जो पहले से ही बहुत अमीर थे वे अब और ज़्यादा अमीर हो चुके हैं और देश के अधिकतर लोग जो मीडियम क्लास के या गरीब थे वे अब बहुत ज़्यादा गरीब हो चुके हैं। लेकिन सरकार अब भी धर्म और जाति की राजनीति पर ही अटकी है। और बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान से छेड़छाड़ करने की कोशिशें हो रही हैं। इस बीच कई बार तो असमाजिक तत्यों द्वारा बाबा साहेब की मूर्ति को तोड़ने की भी घटनाएं हुईं लेकिन तब भी उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। जिस कारण दलित और अल्पसंख्यक समाज वर्तमान सरकार से काफी नाराज है।

ऐसे में समझा जा रहा है कि जनता फिर से बदलाव के मूड में है और अगली बार वो ऐसे व्यक्ति को केंद्र में भेजना चाहती है जो जनता का दुख दर्द समझता हो और जो सिर्फ विकास पर ध्यान दे ना कि धर्म जाति पर।

शायद इसी लिए लोगों का ध्यान आज़ाद पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण पर टिकी है। क्योंकि दलित और अल्पसंख्यक समाज में चंद्रशेखर रावण अपनी साफ सुथरी छवि के कारण काफी लोकप्रिय होते जारहे हैं। और वह चूंकि खुद दलित समाज से हैं तो जाहिर है वो बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की पूरी कोशिश भी करेंगे।

इसी लिए कहा जा रहा है कि अगर दलित समाज और अल्पसंख्यक समाज एक हो जाएं तो अगली बार केंद्र में चंद्रशेखर की पार्टी "आज़ाद समाज पार्टी" की सरकार बनना निश्चित है।

तो फ्रेंड्स क्या आप भी चाहते हैं कि अगली बार केंद्र में "आज़ाद समाज पार्टी" की सरकार बने। वोट करें और इसको अधिक से अधिक शेयर करें ताकि दूसरे लोग भी इस सर्वे में हिस्सा ले सकें, धन्यवाद।

क्या आप चाहते हैं कि अगली बार केंद्र में "आज़ाद समाज पार्टी" की सरकार बने ?
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अभी वोट करें | Yes Bank का डूबना और देश की गिरती अर्थव्यवस्था क्या मोदी सरकार की नाकामियों को दर्शाता है

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नोट:
1) वोट करते समय ध्यान रखें कि आप देशहित में वोट कर रहे हैं।
2) एक घन्टे में 2 बार ही वोट किया जा सकता है, तीसरा चौथा वोट करने के लिए एक घन्टा बाद दुबारा विजिट करें।
3) अधिक से अधिक वोट करके अपना पक्ष मजबूत करें।
3) Other पे क्लिक करके आप Comment भी कर सकते हैं।
4) वोट करने के बाद Other पे दुबारा क्लिक करके आप अपना और दूसरे पाठकों के Comments भी पढ़ सकते हैं।
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देशहित में वोट करें
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अभी वोट करें, क्या आप BJP के साथ हैं

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अभी हाल ही में दिल्ली में हुए विधानसभा चुनावों में देश की सबसे बड़ी पार्टी BJP को करारी हार का सामना करना पड़ा था। जबकि चुनाव प्रचार में बीजेपी के सारे स्टार प्रचारक यानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के इलावा बीजेपी के सारे बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया था और वोटरों को लुभाने का हर संभव प्रयास किया था। लेकिन इन सबके बावजूद बीजेपी के खाते में 70 में से सिर्फ 8 सीटें ही आयी और 62 सीटें जीत कर आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने।

हार के बाद गृहमंत्री और राजनीतिक के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने अपने नेताओं के भड़काऊ बयान को हार का मुख्य कारण बताया था।

हालांकि इसके बावजूद दिल्ली में कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा भड़काऊ बयानों का सिसिला जारी रहा। और फिर एक दिन दिल्ली में दंगे की आग भड़क उठी और एक आंकड़े के मुताबिक 40 से अधिक लोग मारे गए करोड़ो की संपत्ति जल कर राख हो गयी।

वैसे तो अभी तक दंगों के मूल कारणों का पता नहीं लगाया जा सका है लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर केंद्र सरकार चाहती तो दंगे को इतना भयानक रूप लेने से रोका जा सकता था। वहीं दूसरी ओर बहुत सारे लोगों का कहना है कि ये बीजेपी को बदनाम करने की साज़िश है। और दिल्ली में हार और दंगे के बावजूद वे बीजेपी का साथ नहीं छोड़ेंगे।
तो फ्रेंड्स आपको क्या लगता है। क्या आप बीजेपी के साथ हैं ??
नोट: ये सोचकर वोट करें कि आप देशहित में वोट कर रहे हैं।
आप हर घन्टे 2 वोट कर सकते हैं, इसलिए अधिक से अधिक वोट करें, धन्यवाद।
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देशहित में वोट करें, क्या आप BJP के साथ हैं ?
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