मेला दिखाने गया जीजा ने साली और सरहज दोनों से बनाया अवैध संबंध, फिर हुआ कांड | सच्ची घटना | Crime Story

किराये के रूम में मोतीलाल और उसकी जवान साली और जवान सरहज एक ही बेड पर तीनों लेटे हुए थे। दोनों मेला देख देख कर थकी हुई थी इसलिए सो गयी और जैसे ही रात के 2:00 बजे तभी उसकी जवान साली करवट लेकर मोतीलाल के ऊपर हाथ और पैर दोनों रख दी। मोतीलाल जाग गया और उसके मन के अंदर वासना जाग गईं और वहाँ उसके साथ हरकतें करने लगा।

मेला दिखाने गया जीजा ने साली और सरहज दोनों से बनाया अवैध संबंध, फिर हुआ कांड | सच्ची घटना | Crime Story

दोस्तों आज कल समाज में इस तरह के बहुत अपराध हो रहे हैं। अपने परिवार के औरतों को किसी के साथ अकेले नहीं भेजना चाहिए। चाहे नातेदार हो चाहे रिश्तेदार हो, अपना खुद जाना चाहिये, कहीं मेला दिखाने जाना हो या कही भी जाना हो, अपने परिवार के साथ में ही जाना चाहिए। तो दोस्तों इस बेलगाम हवस भरी कहानी को मैं विस्तार से सुनाता हूँ।

मोतीलाल ससुराल पहुंचा तो उसकी साली कहने लगी जीजाजी चलो मेला देखते हैं। मोतीलाल कहने लगा साम होने वाला है, कैसे चलूं कल दिन में चलना। मगर उसकी साली नहीं मानी। कहने लगी नहीं जीजाजी चलो दिखाओ रात में ही तो मेला देखने में अच्छा लगता है। तभी मोतीलाल की सरहज भी कहने लगी हाँ जी मैं भी साथ चलूँगी। मोतीलाल की कुंवारी साली और उसकी जवान सरहज दोनों मेला देखने के लिए तैयार हो गई और शाम के 4:00 बजे दोनों तैयार हो कर के मोतीलाल को साथ लेकर के मेला पहुँच गई और मेले में घूम घूमकर सामान खरीद रही थी और घूम घूमकर देख रही थी।

जब रात के 10:00 बज गए तो मोतीलाल से कहने लगी अब मैं बहुत थक गयी हूँ, कहीं सोना चाहिए। मोतीलाल कहने लगा चलो घर चलते हैं, मगर वो दोनों कहने लगी घर तो बहुत दूर है, कैसे रात में पहुँचेंगे यहीं कहीं रूम ले लो यही कही हम लोग आराम करते हैं। मोतीलाल रूम खोजने लगा तो उसको एक रूम किराये पर मिल गया। उस रूम में की छोटा सा बेड था और सोने वाले तीन थे। मोतीलाल अपनी साली और सरहज से कहने लगा एक ही बेड है, कैसे हमलोग सोएंगे तो उसकी साली और सरहज कहने लगी जीजा जी आप बेड पर सो जाना और हम दोनों चादर बिछाकर नीचे सो जाएंगे।

मोतीलाल ने किराये पर रूम ले लिया और जब सोने का समय आया तो मोतीलाल अपने साली और सरहज से कहने लगा तुम दोनों बेड पर लेट जाओ, मैं चादर बिछाकर नीचे सो जाता हूँ। मगर वो दोनों नहीं मानीं और कहने लगी जीजा जी अच्छा नहीं लगता है जब आप नीचे सोयेंगे। हम तीनो ही बेड पर सो जाते हैं और तीनों उसी बेड पर लेट गए। मेला घूम घूमकर थक गई थी, दोनों सो गयी।

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मोतीलाल के बीच में उसकी साली थी और उसके बगल उसकी सरहज थी। उसकी साली बीच में थी। मोतीलाल किनारे था दोनों सो गयी। मोती लाल कुछ देर तक जागता रहा। वो अभी थोड़ी देर बाद सो गया। उसके बाद में रात के 2:00 बजे तो उसकी साली करवट लेकर मोतीलाल को चिपक गई। तभी मोतीलाल जाग गया और उसके मन के अंदर वासना जाग गईं और वो अपने साली के साथ हरकतें करने लगा। मोतीलाल अपने साली को बैड टच करने लगा तभी वो जाग गई और कहने लगी जीजा जी आप ये क्या कर रहे हैं?

तो मोतीलाल कहने लगा आज तो बहुत मन करता है। मोतीलाल की साली चुपके से उसके कान में बोली बगल में भाभी लेटी है, अगर जाग जाएंगी तो क्या कहेंगी? तभी मोतीलाल अपने साली से कहने लगा बैठ के नीचे फर्श पर चादर बिछाओ हम दोनों वही प्रोग्राम शुरू करते हैं। मोतीलाल और उसकी साली दोनों चुपके से बेड से उठे और नीचे फर्श पर चादर बिछाएं और दोनों नागिन की तरह लिपटकर दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक संबंध स्थापित करने लगी। जब मोतीलाल की स. जागी तो देखी कि पूरा बेड खाली है और वह अकेली सोई है।

और फिर वहा उठकर बैठ गयी तो देख ही नीचे फंस पर मोतीलाल और उसकी साली दोनों एक दूसरे के साथ नागिन की तरह लिपटे हुए हैं और 61/62 कर रहे हैं। तभी मोतीलाल की सरहज मोतीलाल से कहने लगी नंदोई जी मेले का सारा मिठाई जो लाये हो क्या ननद को ही खिला दोगे? मुझे नहीं खिलाओगे क्या? दोनों एकाएक चौक कर अलग अलग होंगे? तभी उसकी सरहज कहने लगी चिंता मत करो, मुझे कोई ऐतराज नहीं है। मगर मुझे भी मिठाई खाना था। तभी मोतीलाल नीचे फर्श से उठकर बेड पर आ गया।

और अपने जवान सरहज को बांहों में भरकर उसे भी मिठाई खिलाने लगा। जवान, साली और जवान सरहद दोनों मोतीलाल के साथ सारी सारी रात वो सब करती रही। अब तो मोतीलाल के दोनों हाथों में लड्डू था। चाहे दाएं हाथ का लड्डू खाये, चाहे बाएं हाथ का लड्डू खाएं। मगर वह दोनों लड्डू खा लिया और जब सुबह हुआ तो मेला देखकर तीनों घर पहुँच गए। मोतीलाल अपने ससुराल में एक रात और रुका और उस रात में भी दोनों उसके पास आयी। तभी उसका साला उन दोनों की हरकतों को देख रहा था।

और वहाँ उनके पास पहुँच गया और मोतीलाल का साला अपने भाभी और अपने बहन के साथ जीजा को संबंध बनाते देख वह क्रोध से आगबबूला हो गया और अपने पिताजी को आवाज लगाते हुए शोर मचाने लगा। कहने लगा पिताजी आ जाओ, देखो ये घर में क्या हो रहा है और आवाज को सुनकर मोतीलाल के ससुर जी आ गए और मोतीलाल से कहने लगे दामाद जी अब तुम अभी अभी अपने घर चले जाओ वरना बहुत बुरा हो जाएगा। मोतीलाल अपने बाइक से अपने घर रात में ही पहुँच गया तो दोस्तों ऐसे अपराधिक मानसिकता वाले व्यक्तियों से सावधान रहें।

तो दोस्तों अपराधिक मानसिकता वाले व्यक्तियों से दूर रहें। सावधान रहें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

https://youtu.be/CMwc_GO3xnc

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