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भारत का सबसे बड़ा सीरियल किलर साईनाइड मोहन । सच्ची कहानी । ExposeTime

भारत का सबसे बड़ा सीरियल किलर साईनाइड मोहन । सच्ची कहानी । ExposeTime
Shaukat Hayati
Shaukat Hayati
10 June
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स्वागत है आप सबका हमारे नए सेगमेंट क्राइम स्टोरी में। आज मैं बात करूँगा हिंदुस्तान के सबसे खतरनाक सीरियल किलर की जिसका नाम पड़ गया था साइनाइड मोहन। क्योंकि वो अपने विक्टिम्स को साइनाइड खिलाकर मारता था। पैसे से प्रोफेसर मोहन कुमार ने 2003 से 2009 के बीच में कर्नाटक के छह अलग अलग शहरों में लगभग 20 औरतों को अपना शिकार बनाया। इन सारी लड़कियों की उम्र 20 से 30 साल के बीच में थी। साइनाइड मोहन के सारे विक्टिम साध्वी के जोड़े में पाए जाते थे परंतु उनके पास कोई भी ज्वेलरी नहीं होती थी।

भारत का सबसे बड़ा खौफनाक सीरियल किलर Synaide मोहन । सच्ची कहानी । ExposeTime

इन 20 विक्टिम्स में से आठ लड़कियां मैसूर सिटी के मोहल्ला बस स्टैंड के पास पाई गई और पांच लड़कियां के बीजी केम्पोगोड़ा बस स्टेशन से पाई गई सारे केसेस में डेथ है जैसी होने के बावजूद भी 6 साल तक पुलिस इन केस के बीच कोई कनेक्शन नहीं बना पाई। हर टीम के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जहर खाने से डेथ निकलने के बावजूद भी पुलिस ने 10 से ज्यादा केस को अननैचरल डेथ और सुसाइड मानकर रफा दफा कर दिया। यहाँ तक कि पुलिस ने विक्टिम्स को आइडेंटिफाइ तक करने की कोशिश नहीं की और ना ये विक्टिम्स के फैमिली को कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की।

india-ka-sabse-bada-serial-killer-synaide-mohan-crime-story

इन साइनाइड मोहन के विक्टिम्स में सिर्फ दो विक्टिम के ब्लड सैंपल्स फोरेंसिक डिपार्टमेंट को भेजे गए जिसके फलस्वरूप पुलिस को यह पता चल पाया कि इनकी डेथ सायनाइड खाने से हुई है। एक ऐसा पदार्थ जो जो मार्केट में इजली अवेलेबल नहीं है। इतना कुछ होने और जानने के बावजूद भी पुलिस डिपार्टमेंट हाथ पर हाथ धरे सोता रहा। पुलिस डिपार्टमेन्ट की नींद तब खुली जब केस के नाइन्टीन्थ विक्टिम के गायब होने को एक कम्यूनल एंगल दिया जाने लगा। बंटवाल की रहने वाली अनीता बीमार थी जिनकी उम्र उस समय 22 साल थी वो 16 जून 2009 को गायब हो गयी।

और उनकी जात के लोगों ने ये ऐलिगेशैन लगाया कि अनीता को एक मुस्लिम लड़का भगा ले गया है। लगभग 150 लोगों की भीड़ बंटवाल थाने पर पहुंची और भीड़ ने थाने में आग लगाने की धमकी दे डाली, अगर जल्दी से जल्दी अनीता को नहीं ढूंढा गया, जिसपर वहाँ के पुलिस ने एक महीने की मोहलत मांगी केस को सॉल्व करने के लिए और इतना कुछ होने के बाद पुलिस अपने काम में लग गई। अनीता की कॉल रिकॉर्ड से ट्रेस किए गए जहाँ से पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य मिले। अनीता के कॉल रिकॉर्ड्स में ये पाया गया कि एक नंबर पर देर रात को बहुत लंबी लंबी बातें की गई है।

और उस नंबर के बारे में अनीता के फैमिली मैं किसी को कुछ भी नहीं पता था। जब उस नंबर को ट्रेस किया गया तो वह नंबर एक लड़की के नाम पर रजिस्टर्ड मिला। जीस लड़की का नाम था कावेरी मनकु और जब पुलिस ने कावेरी मनकु का ऐडरेस निकालकर छानबीन की तो पुलिस को पता चला कि कावेरी मनको तो खुद मिसिंग है। फिर पुलिस ने कावेरी मनको के नंबर की तहकीकात की और उन्हें पता चला कि इस नंबर से भी एक ऐसे नंबर पर देर रात को लंबी लंबी बातें की जाती थी। इस नंबर के बारे में कावेरी मंकू की फैमिली को भी कुछ नहीं पता था। जब आगे चलके पुलिस ने इस नंबर जीस पर कावेरी मंकू के नंबर से लंबी लंबी बातें की गयी थी पता लगा तो पुलिस को और चौंकाने वाले तथ्य मिले, जहाँ ये नंबर कासरगोड में रहने वाली एक लड़की पुष्पा वास्कोडा के नाम पर रजिस्टर्ड था और ये लड़की भी गायब थी।

एक साल पहले इस लड़की के गायब होने की रिपोर्ट पुलिस में लिखाई गई थी और जैसे जैसे पुलिस आगे तहकीकात करती गई 1 नवंबर से दूसरा नंबर मिलने की श्रृंखला चलती गई जहाँ पर हर दूसरी लड़की जिसके नाम पर नंबर रजिस्टर्ड पाएँगे वो लड़की गायब भी पाई गई। अब इन सारे नंबर्स के डेटा को एनालाइज किया गया और पुलिस को इनसे ये बात पता चल पाई । ये सारे मिसिंग लड़कियों के नंबर किसी ना किसी वक्त एक ही जगह पर ऐक्टिव पाए गए थे और वो जगह थी मंगलुरु का एक गांव कट्टे। यहाँ तक पहुंचने के बाद पुलिस को यह समझ में आया कि शायद उनके हाथ एक प्रॉस्टिट्यूशन रैकेट लगा है और पॉली सुंदर ला कट्टे के आस पास के होटेल्स में रेड मारने लगी। लेकिन कुछ भी सॉलिड पुलिस के हाथ नहीं लगा और फिर पुलिस को एक ब्रेक थ्रू मिला इस केस में जहाँ उन्हें पता चला की कावेरी मनकु का फ़ोन डेरालाकट्टे गांव में 3 मिनट के लिए स्विच ऑन किया गया था।

कॉल को ट्रेस करके एक धनुष नाम के लड़के को पकड़ा गया। जिसने बताया वो फ़ोन उसे उसके चाचा मोहन कुमार ने दिया था। उस समय पुलिस को जांच पड़ताल में ये भी पता चला कि उस समय मोहन कुमार एक और नंबर पर लंबी लंबी बातें कर रहा था। सुमित्रा सेकरा पुजारी जो कि बंटवाल की रहने वाली थीं, उनके साथ पुलिस ने सुमित्रा से मोहन को मिलने के लिए बुलवाने को कहा और ऐसे ये खतरनाक सीरियल किलर मोहन कुमार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पकड़े जाने के बाद मोहन कुमार ने ऐसी ऐसी बाते बताई जिन्हें सुनकर सबके होश उड़ गए।

मोहन कुमार ने कस्टोडियन इंटरोगेशन के वक्त पुलिस को बताया कि उसने लगभग 32 लड़की को अभी तक अपना शिकार बनाया था। मोहन कुमार ने बताया कि वो कैसे इन लड़कियों को अपने चक्रव्यूह में फंसाता था, उनसे शादी का वादा करके उन्हें किसी होटल में बुलाता, उनके साथ रात बिताता और अगली सुबह उन्हें पास के बस अड्डे ले जाकर उन्हें ये गर्भ निरोधक गोली खाने को देता और उन्हें बोलता है की वॉशरूम में जाकर इस गोली को खाओ क्योंकि उसको खाने के बाद तुम्हें उल्टी हो सकती है। तुम्हें बेहोशी आ सकती है और ये गर्भ निरोधक गोलियां साइनाइड में लिपटी हुई होती थी। इतना कुछ करने के बाद वो वापस उसी होटेल में जाता जहाँ उसने पिछली रात बिताई थी।

और लड़कियों के पैसे और गहने जो कि मोहन कुमार ने उन लड़कियों को वही छोड़ने को कहा था, लेकर फरार हो जाता। पकड़े जाने के बाद ये असलियत न्यूजपेपर में छपी। टीवी न्यूज़ में आई और मोहन कुमार को मीडिया ने साइनाइड मोहन का नाम दे दिया। पकड़े जाने के बाद मोहनकुमार का केस 2 साल तक ट्रायल में रहा और 2013 में सायनाइड मोहन को अनीता के मर्डर के लिए डेथ सेन्टेन्स दिया गया। लेकिन 2017 में कर्नाटक की हाइकोर्ट ने इसके डेथ सेंटेंस को लाइफ इम्प्रिजंमेंट में कन्वर्ट कर दिया। 2020 में एक और रेप और मर्डर केस में सन ऐड मोहन को गिल्टी पाया गया जो कि 20 वां केस बना। साइनाइड मोहन के खिलाफ़ इतनी लड़कियों को अपना शिकार बनाने के बावजूद भी इस सीरियल किलर को डेथ पेनल्टी ना मिलना बहुत ही शर्म की बात है।

साइनाइड मोहन बेलगावी के हिंडालगा सेंट्रल प्रिज़न में 15 मर्डर केस की सजा काट रहा है और वो सजा है लाइफ इम्प्रिजंमेंट। साइनाइड मोहन ने तीन शादियां की थीं और अपने विक्टिम्स को ज्यादातर ये बस स्टेशन पर ही स्टॉक करता था। वहीं पर कन्वर्सेशन स्टार्ट करता और नंबर का एक्स्चेंज होता था।

और फिर आगे के लिए देखता था की कौन सी लड़की है जो इसके जाल में फसेगी और कौन सी नहीं फंसेगी, ये हमेशा सिंपल लुकिंग लड़कियों के पीछे जाता था। सजा मिलने के बाद भी साइनाइड मोहन अपने इंटरव्यू में यही कहता हुआ पाया गया है कि मैंने किसी को नहीं मारा तो ये थी हिंदुस्तान के सबसे बड़े और सबसे खतरनाक सीरियल किलर की कहानी। ऐमज़ॉन प्राइम पर एक दहाड़ नाम की टीवी सीरीज भी आयी है जो कि लूसली साइनाइड मोहन के ऊपर ही बेस्ट है। उम्मीद करता हूँ आपको ये खबर पसंद आई होगी। फिर मिलूंगा आपसे किसी और क्राइम रिपोर्ट के साथ तब तक के लिए टाटा बाइ बाइ नमस्कार।

https://youtu.be/ZXK47d7CP4w

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