सीने में दब गए हैं जो वो जज़्बात क्या कहें, शायरी दिल से

Updated: 24 Mar, 2021 24 March
नज़रें तुम्हें देखना चाहें, तो आंखों का क्या क़सूर,
हर पल याद तुम्हारी आए तो सांसों का क्या क़सूर,
वैसे तो सपने पूछ कर नहीं आते,
पर सपने तेरे ही आएं तो हमारा क्या क़सूर।
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शायरी दिल से 🌹🌹 Shayari Dil Se

तमन्ना है मेरे दिल की, हर पल साथ तुम्हारा हो,
जितनी भी सांसे चलें, हर सांस पे नाम तुम्हारा हो।
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एक समुंदर है सीने में, जो मेरे क़ाबू में है,
और एक क़तरा है जो मुझसे सम्भाला नहीं जाता,
एक मुद्दत है जो मुझे बितानी है किसी के बग़ैर,
और एक लम्हा है जो मुझसे गुज़ारा नहीं जाता।
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मैं वक़्त बन जाऊं तुम लम्हा बन जाना,
मैं तुझमें गुज़र जाऊं तुम मुझमे गुज़र जाना।
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Shayari Dil Se 🌹🌹 शायरी दिल से

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कितना अधूरा लगता है:
जब बदल हो पर बरसात ना हो,
जब ज़िन्दगी हो, पर प्यार ना हो,
जब आंखें हों, पर ख़्वाब ना हो,
जब कोई अपना हो, पर पास ना हो।
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वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे,
दुनियां में हम कितने खुशनसीब होंगे,
दूर से जब इतना याद करते हैं आपको,
क्या होगा जब आप हमारे क़रीब होंगे।
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शायरी दिल से 🌹🌹 Shayari Dil Se

कुछ इस तरह भी खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते हैं,
जब दिल भर जाता है, तो लोग अक्सर रुठ जाया करते हैं।
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सीने में दब गए हैं जो, वो जज़्बात क्या कहें,
ख़ुद ही समझ लीजये, हर बात क्या कहें।
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